महागठबंधन में टूट
प्रतीकात्मक फोटो समाजवादी पार्टी (सपा) ने अकेले अपने दम पर बिहार में चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। महागठबंधन में हुई यह टूट क्या रंग लाएगी यह तो वक्त ही बताएगा, लेकिन एक बात साफ है कि बिहार का विधानसभा चुनाव रोचक होने वाला है। क्योंकि हर पार्टी मतदाताओं को रिझाने की पूरी तिकड़म भिड़ाने में जुट जाएंगी। नए-नए वादे करेंगी, फिर उन्हें पूरा करने के लिए रोडमैप बताएंगी। अब इस सब में कुछ हो न हो जनता को जरूर लाभ मिलेगा। जो जनता को रिझा पाएगा उसे सत्ता की चाबी सौंप दी जाएगी। उम्मीद है, बिहार की जनता अपने पूरे विवेक से सही फैसला लेगी। ये वक्त जनता के जागरूक होने का है। बिहार की जनता को चाहिए कि जाति, धर्म, समाज, समुदाय, भाई-भतीजावाद को दरकिनार कर अच्छी और साफ छवि के शख्स को अपना नेता चुने। बिहार में चुनाव की घोषणा से ठीक पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुनाथ झा ने राजद छोड़ दिया है। झा ने लगातार उपेक्षा को इसकी वजह बताया है। हालांकि वे लखनऊ में मुलायम सिंह से मुलाकात कर चुके हैं। वे जल्द ही सपा में शामिल होंगे। ठीक इसी समय लखनऊ में सपा के राष्ट्रीय महासचिव प्रोफेसर रामगोप...