पीएफआई पर पांच साल का प्रतिबंध, सही है...
आतंकी फंडिंग और ऐसी ही दूसरी तरह की गतिविधियों में लिप्त होने के कारण से पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएफआई और उससे जुड़े हुए संगठनों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। केंद्र सरकार ने पीएफआई जैसे संगठनों पर पांच साल का प्रतिबंध लगाकर एक संदेश देने की कोशिश की है। संदेश ये कि देश को तोड़ने के प्रयास सफल नहीं होने दिए जाएंगे। यह सही भी है। देश को तोड़ने की कोशिश करने वाला कोई भी हो, उसे ठीक-ठीक सबक दिया ही जाना चाहिए। यह इसलिए भी जरूरी है ताकि आने पीढ़ी भी अपने आसपास एक सुरक्षित माहौल देख सके। वैसे कुछ मुस्लिम संगठनों ने भी पीएफआई पर लगाए गए प्रतिबंध का स्वागत किया है। यह अच्छा है। कारण कि चंद लोगों की वजह से बाकी नेकदिल इंसानों की छवि खराब होती है। छवि खराब करने के ऐसे जतन को जितना हो सके उतना हतोत्साहित किया जाना चाहिए। आखिर मिलजुलकर रहने में बुराई क्या है? सोशल मीडिया के दौर में कई उदाहरण वीडियो की शक्ल में देखने को मिल जाते हैं, जिनमें आपसी भाईचारे का संदेश दिया होता है। इंसान की इंसानियत नहीं मरनी चाहिए, फिर चाहे परिस्थिति कैसी भी हो। पीएफआई पर हुई कार्रवाई से जुड़ा एक तथ्य काफी अ...